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बंदरों का बढ़ता आतंक, 70 वर्षीय महिला की गई जान

बंदरों का बढ़ता आतंक, 70 वर्षीय महिला की गई जान

नगर पालिका और वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

✍️रिपोर्ट : नौशाद मंसूरी

शाहगंज (जौनपुर)। कुछ साल पहले तक शाहगंज नगर में बंदरों का नाम-निशान तक नहीं था, मगर पिछले पाँच-छह वर्षों में हालात बिल्कुल बदल गए।नगर में अचानक बंदरों की संख्या इस कदर बढ़ी कि अब ये स्थानीय लोगों के लिए किसी खौफ से कम नहीं रह गए हैं।हर दिन लोगों पर हमला, घरों में घुसपैठ और सामान का नुकसान उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।हजारों लोग अब तक घायल हो चुके हैं और लाखों का सामान बंदरों के उत्पात का शिकार हुआ है।इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन और वन विभाग की ओर से आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

शनिवार दोपहर नगर के पक्का पोखरा मोहल्ले में एक दर्दनाक घटना सामने आई।सूत्रों के अनुसार 70 वर्षीय राजकुमारी देवी, पत्नी रामफेर, अपने घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं।इसी दौरान करीब आधा दर्जन बंदर अचानक उन पर झपट पड़े।

बताया जाता है कि बंदरों के हमले से बचने के लिए राजकुमारी देवी घबराकर सीढ़ियों की तरफ दौड़ीं, लेकिन अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीढ़ियों से नीचे गिर पड़ीं।गंभीर रूप से घायल अवस्था में परिजनों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें प्रथम दृष्टया मृत घोषित कर दिया।

-----इनसेट----

स्थानीय लोगों में रोष, प्रशासन नींद में है

घटना के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश है।लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन न तो नगर पालिका और न ही वन विभाग स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम दिख रहा है।लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।

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