संविधान दिवस पर डॉक्टर सी.एस. भारती का संदेश : स्वस्थ नागरिक, सशक्त राष्ट्र का आधार
चर्म एवं यौन रोग विशेषज्ञ ने कहा—संविधान केवल अधिकार नहीं देता, स्वस्थ रहने की जिम्मेदारी भी याद दिलाता है, स्वास्थ्य- जागरूक समाज ही लोकतंत्र की असली ताकत।
✍️रिपोर्ट:नौशाद मंसूरी
शाहगंज(जौनपुर)। संविधान दिवस के अवसर पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के बीच प्रसिद्ध चर्म एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. सी.एस. भारती ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि भारत का संविधान न केवल नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करता है, बल्कि जिम्मेदार और स्वास्थ्य–सचेत समाज के निर्माण की भी प्रेरणा देता है।
डॉ. भारती ने कहा कि आज जब दुनिया स्वास्थ्य–संकटों और जीवनशैली–जनित रोगों से जूझ रही है, ऐसे समय में संविधान में निहित समानता, गरिमा और स्वास्थ्य–सुविधाओं तक पहुंच जैसे सिद्धांत पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
🔷स्वास्थ्य हर नागरिक का अधिकार, और कर्तव्य भी
अपने संदेश में डॉ. भारती ने स्पष्ट कहा कि संविधान सभी को स्वस्थ जीवन का अधिकार देता है, लेकिन यह तभी संभव है जब नागरिक भी जागरूक रहें।
उन्होंने बताया कि चर्म एवं यौन रोगों को लेकर समाज में अभी भी झिझक और गलत धारणाएँ हैं, जबकि जानकारी और समय पर इलाज से अधिकतर समस्याएँ आसानी से नियंत्रित की जा सकती हैं।
🔷संविधान और स्वास्थ्य–समानता
डॉ. भारती ने कहा कि संविधान का मूल भाव यह है कि कोई भी व्यक्ति अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि, लिंग, उम्र या वर्ग के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि यौन स्वास्थ्य को लेकर अभी भी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
उनके अनुसार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और सभी वर्गों तक पहुँच—यही संविधान की वास्तविक भावना है, जिसे समाज और सरकार दोनों को मिलकर आगे बढ़ाना चाहिए।
🔷समय पर उपचार, वैज्ञानिक जानकारी, यही बदलाव का रास्ता
डॉ. भारती ने युवाओं और अभिभावकों को वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दौर में भ्रम और अफवाहें तेजी से फैलती हैं, इसलिए प्रमाणिक चिकित्सा सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी बताया कि त्वचा और यौन स्वास्थ्य सीधे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं, इसलिए इन विषयों पर खुलकर बातचीत करने और समय पर परामर्श लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
🔷संविधान दिवस का संदेश: जागरूक नागरिक, सुरक्षित समाज
अंत में डॉ. सी.एस. भारती ने कहा कि संविधान दिवस हमें यह याद दिलाता है कि एक स्वस्थ नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होता है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि अधिकारों के साथ–साथ स्वास्थ्य से जुड़े कर्तव्यों को भी प्राथमिकता दें—यही देश के विकास में वास्तविक योगदान है।
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