आवारा पशुओं से त्रस्त किसान, फसलों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
✍️रिपोर्ट : मोहम्मद असलम खान
केराकत, जौनपुर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नरहन चकरारेत में आवारा पशुओं की समस्या किसानों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। गांव और आसपास के इलाकों में घूम रहे आवारा पशु लगातार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
किसानों के अनुसार आवारा पशु सरसों, गेहूं, आलू समेत अन्य मौसमी फसलों को बड़े पैमाने पर चर जा रहे हैं। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पशु झुंड बनाकर खेतों में घुस जाते हैं। कई किसानों ने बताया कि जब वे फसलों की रक्षा के लिए पशुओं को भगाने का प्रयास करते हैं, तो कई बार पशु आक्रामक होकर उन पर हमला तक कर देते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।
लगातार हो रहे नुकसान से किसान बेहद निराश और चिंतित हैं। उनका कहना है कि फसलों पर ही उनकी आजीविका निर्भर है, लेकिन आवारा पशुओं के कारण मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग है कि आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें गौशालाओं में रखा जाए, ताकि खेतों और किसानों की फसलें सुरक्षित रह सकें। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा और वे आंदोलन के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।
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