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स्वतंत्रतासंग्राम सेनानी ब्रह्मदेव वर्मा का निधन

स्वतंत्रतासंग्राम सेनानी  ब्रह्मदेव वर्मा  का  निधन

ब्रह्मदेव वर्मा महज 16 वर्ष की आयु में ही आजादी की लड़ाई में कूद पड़े थे

✍️यूसुफ खान/मोहम्मद अरशद

जौनपुर।  जिले के जफराबाद थाना अंतर्गत जमैथा  गांव निवासी स्वतंत्रा संग्राम सेनानी (102 वर्षीय)  ब्रह्मदेव वर्मा सुपुत्र बाबू सरजू प्रसाद का 30 अप्रैल को अपने मूल निवास जमैथा कैथौली  में निधन हो गया। 
वह अपने पीछे छः भाई बहन में (बहन श्रीमती चम्पा देवी, भाई  चन्द्रमणि, बहन श्रीमती लालमनि , भाई  राजमणि, बहन श्रीमती हृदय मणि)  में सबसे बडे थे।
 इनके भाई बहनो में सिर्फ श्रीमती चम्पा देवी का स्वर्गवास हुआ है ।  ब्रह्मदेव वर्मा की पुत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी का विवाह ग्राम  सलखापुर निवासी  वीरेन्द्र श्रीवास्तव से हुआ है।  उनके नाती विजय प्रकाश श्रीवास्तव (एडवोकेट) एवं  शिव प्रकाश हैं। भतीजा विपिन प्रकाश, रवीन्द्र मणि, प्रविन्द्रमणि ,संदीप,  उदयमणि एवं देश दीपक हैं । स्व श्री  वर्मा अपने पीछे एक भरापूरा परिवार छोड़कर गये हैं। 
 जिला  प्रशासन की तरफ से  तहसीलदार सदर जौनपुर उपस्थित रहे।  सभी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन पर शोक जताया। 
 ब्रह्मदेव वर्मा मात्र 16 वर्ष की आयु में ही आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। 
वर्ष 1942 में अंग्रेजों के विरुद्ध लडाई में  उन्हें पहली बार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। क्रांतिकारी स्वभाव के कारण ये लगातार संघर्षरत रहे और उनकी लड़ाई देश की आजादी तक जारी रहा।
देश की आजादी के बाद इन्हे कलेक्ट्रेट में पेशकार के पद पर नियुक्त मिला और वे अपने सेवाकाल में सर्वप्रिय रहे।
 ब्रह्मदेव वर्मा  के निधन पर  भाजपा नेता और नामित सभासद मनीष श्रीवास्तव ने अपने सम्पूर्ण परिवार की तरफ से सम्पूर्ण देश एवं उप्र0 वासियों की तरफ से  सादर श्रद्धान्जली समर्पित किया।

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