तहसील परिसर में गंदगी का साम्राज्य: नई बिल्डिंग पान-गुटखा की पीक से लाल
प्रशासनिक कार्यालयों के बीच सफाई व्यवस्था पर सवाल
रिपोर्ट: नौशाद मंसूरी✍️
शाहगंज(जौनपुर)। शाहगंज तहसील परिसर में स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। तहसील परिसर के विभिन्न हिस्सों में फैली गंदगी और दीवारों पर पान-गुटखा की पीक के कारण नई प्रशासनिक बिल्डिंग का स्वरूप बिगड़ गया है। स्थानीय लोगों और आगंतुकों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों की गरिमा के अनुरूप साफ-सफाई का अभाव साफ दिखाई देता है।
*नई इमारत की दीवारें बनीं पीक का निशाना*
तहसील परिसर की नई इमारत, जिसे प्रशासनिक कार्यों को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था, आज दीवारों पर पड़े लाल दागों के कारण बदहाल दिख रही है। परिसर के गलियारों, सीढ़ियों और कोनों में गुटखा व पान की पीक के निशान साफ नजर आते हैं, जिससे न केवल सौंदर्य खराब हो रहा है बल्कि स्वच्छता मानकों पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
*जिम्मेदार दफ्तरों के पास ही अव्यवस्था*
चिंता की बात यह है कि इसी परिसर में एसडीएम, सीओ और तहसीलदार सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय स्थित हैं। आम नागरिकों का कहना है कि जहां से व्यवस्था और अनुशासन की उम्मीद की जाती है, वहीं इस प्रकार की स्थिति प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करती है।
*आगंतुकों को हो रही असुविधा*
तहसील में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं। गंदगी और अस्वच्छ वातावरण के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई लोगों ने बताया कि परिसर में साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था और जागरूकता अभियान की आवश्यकता है।
*स्वच्छता नियमों के पालन की जरूरत*
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिसर में थूकने पर रोक, कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था और नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्यालयों से ही स्वच्छता का संदेश जाना चाहिए।
*प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा*
लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि सरकारी संस्थानों की गरिमा बनी रहे और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
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