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डिप्टी सीएम के दहेज के सामान लदे ट्रक को रोकना पुलिस को पड़ा महंगा

डिप्टी सीएम के दहेज के सामान लदे ट्रक को रोकना पुलिस को पड़ा महंगा

लखनऊ से जौनपुर पुलिस प्रशासन में  मचा  हड़कंप

जौनपुर । डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के यहां से दहेज का सामान लेकर आजमगढ़ जा रहे ट्रक को जौनपुर पुलिस द्वारा नो एंट्री के नाम पर घण्टों रोक कर ₹1000 रुपये की वसूली और
चालक के साथ दुर्व्यवहार करना महंगा पड़ गया।
मामले की शिकायत डिप्टी सीएम के बड़े भाई सुखलाल मौर्य ने अपने  छोटे भाई डिप्टी सीएम केशव प्रसाद  मौर्या से फोन करके कहा तो
जौनपुर पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर वह बेहद खफा हो गए। आनन-फानन में उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से बात करके कड़ी फटकार लगाई और घंटे भर की मशक्कत के बाद गाड़ी को छोड़ा गया।
आजमगढ़ जनपद के थाना गंभीरपुर निवासी रामसमुझ मौर्य के बेटे वरिष्ठ प्रवक्ता अवधेश कुमार मौर्य की शादी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बड़े भाई सुखलाल मौर्य की पुत्री शिप्रा के साथ हुई है । 22 फरवरी को कौशांबी जिले के सिराथू में संपन्न हुए विवाह के बाद 23 फरवरी को दहेज का सामान ट्रक नंबर
यूपी  71 टी  4253 पर लादकर चालक  आयुष श्रीवास्तव आजमगढ़ के लिए जा रहा था। दोपहर में चालक जौनपुर के वाजिदपुर तिराहे से जैसीज चौराहे की ओर मुड़ा । 
वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने ट्रक चालक को रोक लिया।  चालक ने बताया कि गाड़ी में वजनदार सामान नहीं है।  डिप्टी सीएम के भतीजी की शादी के दहेज का  हल्का सामान लेकर
 आजमगढ़ जा रहे हैं । इतना सुनते पुलिस कर्मियों ने उससे ₹1000 की मांग किया। चालक ने कहा कि पैसा मेरे पास नहीं है।
 डिप्टी सीएम का नाम  सुनते ही वह  चालक के साथ काफी दुर्व्यवहार  किये। और 2 घंटे तक  ट्रक को खड़ी कराए रहे। ट्रक के चालक ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने ऑनलाइन चालान के नाम पर मोबाइल से फोटो खींचा था।  और मुझसे ₹1000 रुपये लेने के बाद गाड़ी को छोड़ा।
जौनपुर पुलिस की इस बेजा हरकत  को बेहद ही गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम कार्यालय से लेकर जौनपुर पुलिस प्रशासन तक संबंधित ट्रैफिक और सिविल पुलिस  कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात से खासा हड़कंप मचा रहा।

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