Header Ads Widget

विदेश में छिन गया सहारा, अब वतन में जिंदगी की जंग लड़ रहा गरीब पिता

विदेश में छिन गया सहारा, अब वतन में जिंदगी की जंग लड़ रहा गरीब पिता

​हादसे में गंवाया पैर, टूटी हड्डियां; बेबस सलीम ने विधायक रमेश सिंह से लगाई जीवन रक्षा की गुहार

✍️रिपोर्ट : नौशाद मंसूरी 

​शाहगंज(जौनपुर)। ​कहते हैं कि इंसान अपनी किस्मत संवारने के लिए सात समंदर पार जाता है, लेकिन शाहगंज के वार्ड संख्या 14, भादी निवासी मोहम्मद सलीम सलमानी के लिए यह सफर एक बुरे सपने में बदल गया। बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गए सलीम आज खुद दूसरों के सहारे को मोहताज हैं। एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल उनके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया, बल्कि परिवार की उम्मीदों पर भी अंधेरा छा दिया है।

*​हादसे ने छीनी खुशियां, बिस्तर पर सिमटी जिंदगी*

​सलीम सलमानी अपने परिवार और छोटे बच्चों के पालन-पोषण के लिए मेहनत-मजदूरी करने विदेश गए थे। वहां एक दुखद दुर्घटना (एक्सीडेंट) में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया। चिकित्सकों के अनुसार, हादसे में उनके कुल्हे और सीने की हड्डी भी पूरी तरह टूट चुकी है। गंभीर हालत में वतन वापस लौटे सलीम अब चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
​इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें
​सलीम ने बताया कि वह आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं। घर की जमा-पूंजी इलाज में खत्म हो चुकी है। बेहतर उपचार के लिए उन्होंने बीएचयू (वाराणसी), आरएमएल (लखनऊ), पीजीआई और किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थानों के चक्कर लगाए हैं, लेकिन पैसों के अभाव में इलाज बीच में ही रुक गया है। उनके छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य अब अधर में लटका है।

*​विधायक से लगाई मदद की गुहार*

​अपनी आखिरी उम्मीद के साथ पीड़ित सलीम सलमानी ने शाहगंज विधायक रमेश सिंह से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने एक प्रार्थना पत्र सौंपकर विधायक और सरकार से आर्थिक सहायता की भावुक अपील की है। सलीम का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी मदद मिल जाए, तो वह फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर अपने बच्चों का सहारा बन सकेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ