*वित्त मंत्री के द्वारा किये पेश गए 2026-27 के आम बजट को किसी ने सराहा,तो किसी ने नकारा*
*विपक्षी पार्टियों ने बताया धोखा*
*रिपोर्ट:नौशाद मंसूरी*✍️
शाहगंज(जौनपुर)। भारत सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए कहा की समावेशी विकास और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी। बजट में मध्यम वर्ग को कर राहत देने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन के लिए आवंटन बढ़ाया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा और ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाएगा। स्टार्टअप्स, किसानों और एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नई घोषणाएं की गईं, जिससे आने वाले वर्षों में विकास की गति तेज होने की उम्मीद जताई गई है।
वहीं विपक्षी दलों ने आम बजट को आड़े हाथों लेते हुए धोखा और झुनझुना बताया।
बॉक्स में
इस आम बजट में सिर्फ धोखा है।नौजवानों, किसानों,छात्रों सहित आम लोगों के लिए कुछ नही है यह बजट पूंजी पतियों के लिए लाया गया है।इसमे गरीब, पिछड़ा, दलित सभी वर्गों को सिर्फ छला गया है।
शैलेन्द्र यादव "ललई"
पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
बॉक्स में
यह बजट आम जनता को निराश करने वाला है।महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की समस्याओं पर ठोस राहत नहीं दी गई।
बजट में ज़मीनी सच्चाई से ज़्यादा आंकड़ों की बाज़ीगरी दिखाई देती है।
कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी बजट का विरोध करती है।
राहिल अब्दुल्ला
कांग्रेस जिला सचिव जौनपुर
बॉक्स में
लगातार बढ़ती महँगाई ने आम कर्मचारी और शिक्षक की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद टैक्स स्लैब में किसी प्रकार का संशोधन न किया जाना और राहत न मिलना निराशाजनक है। इससे मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा।
महँगाई के अनुरूप टैक्स व्यवस्था में सुधार कर कर्मचारियों को राहत दी जाए।
डॉ. सरफुद्दीन आज़मी
उपाध्यक्ष पूर्वांचल प्रान्त
आम आदमी पार्टी
बॉक्स में
देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया बजट जिसमे आम आदमी जो आखरी पायदान का भी सबका ख्याल रखा गया है।इंफ्रास्टक्चर पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।जो इस बजट को ऐतेहासिक बनाती है।इसमे सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए सबका साथ सबका विकास के नारे को साकार किया गया है।
प्रदीप जायसवाल
व्यापारी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता
बॉक्स में
बसपा नेता हरीश चंद गौतम ने आम बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान और मजदूरों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता।
उन्होंने कहा कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
गौतम ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूंजीपतियों को राहत दी है, जबकि आम जनता को कोई ठोस फायदा नहीं मिला।
बसपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस बजट का हर स्तर पर विरोध करेगी।
हरीशचंद गौतम
पूर्व कोआर्डीनेटर
बसपा
0 टिप्पणियाँ