शाहगंज में होली-ईद से पहले मिलावटखोरी का खतरा बढ़ा!
बाजारों में जांच की रफ्तार धीमी, जिम्मेदार विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल
✍️रिपोर्ट : नौसाद मंसूरी
शाहगंज (जौनपुर)। होली और ईद जैसे बड़े त्योहारों के मद्देनजर स्थानीय बाजारों में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ते ही मिलावटखोरी का खतरा भी गहरा गया है। मिठाइयों, मावा, तेल और रंग-गुलाल की दुकानों पर भीड़ बढ़ रही है, लेकिन निगरानी और नमूना जांच की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। उपभोक्ताओं में शुद्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है।
व्यापारिक इलाकों में खुलेआम बिक रहे मावा और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय अस्थायी दुकानों की संख्या बढ़ जाती है, मगर नियमित निरीक्षण नहीं होने से मिलावटी सामान बाजार तक पहुंच जाता है।
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जांच की गति पर सवाल!
सूत्रों के अनुसार, औपचारिक अभियान की घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई सीमित दिखती है। कई स्थानों पर बिना लेबल और मानक जानकारी वाले उत्पाद बिकते पाए गए, फिर भी व्यापक स्तर पर सख्त कार्रवाई के संकेत कम नजर आए हैं।
जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर चर्चा
खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जिम्मेदारी रखने वाले उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से लोगों ने त्योहारों से पहले विशेष अभियान, नियमित सैंपलिंग और त्वरित रिपोर्टिंग की मांग की है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि समयबद्ध जांच और पारदर्शी कार्रवाई से ही बाजार में भरोसा कायम रहेगा।
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होली का त्योहार नज़दीक है बाज़ारो में रँग बिरंगे मिठाईयां एवं अन्य खाद्य सामग्रियां भरा पड़ा है मगर इसकी शुद्धता का कोई गारंटी नही है।मिलावटी खाद्य पदार्थो से सेहत तो बिगड़ता ही है दवा इलाज में घर का बजट भी गड़बड़ा जाता है।
संगीता सोनी
गृहणी
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आम तौर पर देखा जाता है खाद्य विभाग के अधिकारी जब त्योहार एकदम नज़दीक आ जाता है तब बाज़ारो में आते है और मात्र कोरमपूर्ती कर अपने काम का इतिश्री कर लेते हैं।जिससे मिलावटखोरों का मनोबल और बढ़ जाता है।
किशन चित्रवंशी
समाजसेवी
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वही मिलावट खाद्य पदार्थ और रंग गुलाल में कैमिकल उक्त होने के सम्बंध में सर्जन डॉक्टर अभिषेक रावत ने बताया की की अगर रंग और गुलाल में कैमिकल की मिलावट की गई है तो आंखों की रोशनी जा सकती है।स्किन रोग समस्या बढ़ जाती है।चमड़े फट सकते है एलर्जी और झाइयों की समस्या हो सकती है।एवं खोवा और मिठाइयों सहित खाद्य पदार्थों में मिलावट से मुंह का कैंसर, किडनी फेलियर,स्टमक में समस्या हो सकती है।इंक्रियाज़ की भी दिक्कत हो सकती है।
डॉक्टर अभिषेक रावत-सर्जन
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