Header Ads Widget

रहमत, बरकत और इबादत का महीना है रमज़ान : पत्रकार मोहम्मद असलम खाॅंन

रहमत, बरकत और इबादत का महीना है रमज़ान : पत्रकार मोहम्मद असलम खाॅंन

रोज़ा, नमाज़ और जकात से मिलता है अल्लाह की रहमत का पैगाम

जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे का संदेश देता है रमज़ान

केराकत(जौनपुर)।  पवित्र माह रमज़ान की आमद के साथ ही मुस्लिम समाज में इबादत, रोज़ा और नेक कामों का सिलसिला शुरू हो गया है। इस अवसर पर पत्रकार मोहम्मद असलम खाॅंन नें क्षेत्रवासियों को रमज़ान की मुबारकबाद देते हुए इसे रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना बताया।

पत्रकार मोहम्मद असलम खाॅंन नें कहा कि रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र और अहम महीनों में से एक है। इस महीने में दुनियां भर के मुसलमान रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की मगफिरत की दुआ मांगते हैं। उन्होंने कहा कि रमज़ान इंसान को सब्र, परहेज़गारी और नेक रास्ते पर चलने की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि रमज़ान का हर लम्हा रहमत, नेअमत और बरकत से भरा होता है। इस महीने में बंदा अल्लाह की इबादत कर अपने रब की रज़ा हासिल करने की कोशिश करता है और मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ करता है। इस पाक महीने में की गई हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, जिसका जिक्र कुरान-ए-पाक में भी मिलता है।
पत्रकार मोहम्मद असलम खाॅंन व पूर्व सभासद मोहल्ला सिपाह प्रथम नगर पंचायत केराकत एवं भाजपा नेता नें कहा कि रमज़ान के महीने में अल्लाह ने जरूरतमंदों और गरीबों की मदद के लिए जकात और सदक़ा की व्यवस्था की है। इसका मकसद समाज के कमजोर और असहाय लोगों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि हर सक्षम व्यक्ति को अपनी हैसियत के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि असली मदद दिल की सच्चाई और नेक नीयत से होती है।
उन्होंने कहा कि गरीबों, असहायों और मिस्कीनों की मदद करने से उनके दिल से निकली दुआ इंसान की जिंदगी में कामयाबी और बरकत का सबब बनती है। रमज़ान का महीना हमें इंसानियत, भाईचारे और आपसी सहयोग का पैगाम देता है। इसलिए सभी लोगों को इस पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत और नेक कामों में हिस्सा लेकर समाज में प्रेम और सौहार्द को मजबूत करना चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ