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केराकत में सस्ते गल्ले की दुकान की अनियमितता से नागरिक परेशान,

केराकत में सस्ते गल्ले की दुकान की अनियमितता से नागरिक परेशान, 

कोटेदार की मनमानी पर रोष

✍️रिपोर्ट : मोहम्मद असलम खान

केराकत, जौनपुर । केराकत कस्बे में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान समय से न खुलने के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राशन की दुकानों को निर्धारित समय पर खोलकर पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से खाद्यान्न वितरण किया जाए, लेकिन केराकत कस्बे में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
विदित हो कि सरकार ने तीन महीने का खाद्यान्न एक साथ बांटने का निर्देश दिया है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कस्बे के कोटेदार अशोक कुमार गुप्ता के दुकान खोलने और राशन वितरण का कोई निश्चित समय तय नहीं है। कभी दुकान देर से खुलती है तो कभी कई दिनों तक बंद रहती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल पाता। कई बार नागरिकों को घंटों इंतजार करने के बाद भी निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।
पूर्व सभासद मोहम्मद असलम खाँन सहित अनेक नागरिकों ने अपना नाम न छापने का आग्रह करते हुए बताया कि पूरी आशंका है कि कोटेदार खाद्यान्न को खुले बाजार में बेचने की तरकीब लगाया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कोटेदार की इस मनमानी से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। खासकर दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, क्योंकि उन्हें काम छोड़कर कई बार दुकान पर जाना पड़ता है।
स्थानीय प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाए और दोषी कोटेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही राशन वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी और नियमित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को उनका हक समय पर मिल सके।
इस विषय में केराकत के आपूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार ने कोटेदार का बचाव करते हुए बताया कि कोटेदार बीमार है इसीलिए दुकान बंद रखा है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटेदार को अक्सर बाजार में टहलते देखा जाता है।

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