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शाहगंज से जुल्फेकार अहमद ‘गामा’ बसपा प्रत्याशी घोषित, राजनीतिक हलचल तेज

शाहगंज से जुल्फेकार अहमद ‘गामा’ बसपा प्रत्याशी घोषित, राजनीतिक हलचल तेज

 नौ कोऑर्डिनेटर की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन के साथ आधिकारिक घोषणा

रिपोर्ट:नौशाद मंसूरी✍️

शाहगंज (जौनपुर)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आखिरकार शाहगंज विधानसभा सीट से अपने प्रत्याशी के नाम पर चल रही अटकलों को समाप्त करते हुए जुल्फेकार अहमद ‘गामा’ को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। यह घोषणा शुक्रवार को नगर के जौनपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जोनल कोऑर्डिनेटर दिनेश चंद्रा ने की।
यह वही नाम है जिसे लेकर हाल ही में आई-नेक्स्ट ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अब पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा के साथ उस खबर पर मुहर लग गई है।

*भारी भीड़ के बीच शक्ति प्रदर्शन*

घोषणा कार्यक्रम महज औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि बसपा ने इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया। निर्धारित समय से पहले ही कार्यकर्ताओं की भीड़ कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगी, जिससे आसपास जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
कार्यक्रम में नौ कोऑर्डिनेटर—रामचन्द्र गौतम, शोभनाथ भारती, अनिल गौतम, विनोद बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा शोहराब सिद्दीकी, मोहम्मद सलमान, एजाज़ अली, शारिक खान,शाहनवाज़ आलम और मुकेश कुमार समेत हजारों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन बना दिया। संचालन बसपा जिलाध्यक्ष संग्राम भारती ने किया।

*पार्टी के प्रति निष्ठा का मिला इनाम*

बसपा नेतृत्व ने जुल्फेकार अहमद ‘गामा’ को लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रहते हुए उसकी नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जाना जाता है। उनकी निष्ठा और सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।
मुस्लिम प्रत्याशी से बदलेगा समीकरण?
बसपा द्वारा मुस्लिम प्रत्याशी उतारे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि इसका सीधा असर समाजवादी पार्टी के वोट बैंक पर पड़ सकता है। मुस्लिम मतदाताओं का रुझान किस ओर जाएगा, यह आने वाला समय तय करेगा।

*विकास होगा मुख्य एजेंडा: गामा*

प्रत्याशी घोषित होने के बाद प्रेस वार्ता में जुल्फेकार अहमद ‘गामा’ ने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र का समग्र विकास है। उन्होंने “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत पर काम करने की बात कही।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र की बंद चीनी मिल को चालू कराने और शाहगंज को जिला बनाने जैसे मुद्दों को बसपा सरकार प्राथमिकता से पूरा करेगी।
इस घोषणा के साथ ही शाहगंज की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और आगामी चुनाव को लेकर समीकरण नए सिरे से बनते नजर आ रहे हैं।

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