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एसडीएम की पहल पर अधिवक्ताओं और चकबन्दी कर्मचारी मामले का पटाक्षेप

एसडीएम की पहल पर अधिवक्ताओं और चकबन्दी कर्मचारी मामले का पटाक्षेप

कर्मचारी के आरोपी रिश्तेदार ने स्वीकार की गलती,समझौते से खत्म हुआ मामला

✍️रिपोर्ट:नौशाद मंसूरी

शाहगंज(जौनपुर)। कई दिनों से चकबन्दी विभाग की एक महिला कर्मचारी से आक्रोशित अधिवक्ताओं का विवाद और उसमें महिला कर्मचारी के एक रिश्तेदार द्वारा तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को मारने पीटने और गाली गलौज मामले का बुधवार को एसडीएम कुणाल गौरव के पहल और प्रयासों से विवाद का पटाक्षेप हो गया।जिससे वादकारियों सहित तहसील के समस्त अधिकारी कर्मचारी और अधिवक्ता संघ सभी ने एक सुर में एसडीएम के प्रयासों की खुलकर सराहना की।

बतातें चले की कुछ दिन पूर्व चकबन्दी विभाग में तैनात एक महिला कर्मचारी नीलम पांडेय के ऊपर अधिवक्ता संघ ने भ्र्ष्टाचार का आरोप लगाते हुए आंदोलन करते हुए उक्त महिला के स्थानांतरण की मांग की थी।जो मीडिया की सुर्खियों में भी खूब छाया रहा।इसी मामले महिला कर्मचारी के एक रिश्तेदार द्वारा तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालचंद गौतम और महामंत्री राजीव सिंह डब्लू को फोन पर कथित तौर पर गाली गलौज और मारने की धमकी मिली थी।जिससे तहसील के समस्त अधिवक्ता आंदोलित होकर धरना प्रदर्शन कर कार्यवाई की मांग की थी।
अब उसी मामले को लेकर बुधवार को एसडीएम की अगुवाई में दोनों पक्षो की मौजूदगी में मामले का पटाक्षेप हो गया।आरोपी रिश्तेदार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।

उक्त मौके सीओ विगेन्द्र सिंह, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लाल चंद गौतम,।महामंत्री राजीव सिंह डब्लू,अधिवक्ता समर बहादुर यादव, लालता प्रसाद,शारिक खान,अंकित सिंह सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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